बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो गईं। सोनवानी नवंबर 2024 से जेल में बंद हैं। अब उनकी जमानत पर अदालत के फैसले का इंतजार है।
क्या है CGPSC भर्ती घोटाला?
CGPSC भर्ती घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर प्रभावशाली नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े लोगों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया।
मामला सामने आने के बाद राज्य में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे। जांच एजेंसियां इस मामले में कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
CBI कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी की और मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाए।
CBI ने CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित अनियमितताओं को लेकर कानूनी कार्रवाई जारी है।
ED भी कर रही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच
इस मामले में कथित वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।
अब जमानत पर फैसले का इंतजार
टामन सिंह सोनवानी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईकोर्ट सोनवानी को जमानत देता है या उनकी न्यायिक हिरासत जारी रहती है।
फिलहाल जमानत पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। मामले में आगे की स्थिति हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्पष्ट होगी।
