नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के मंदिर निर्माण और देश की प्राथमिकताओं को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। पित्रोदा ने शिक्षा, रोजगार और विकास को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए कहा कि केवल मंदिर बनाने से रोजगार की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
सैम पित्रोदा ने अपने बयान में स्कूल, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों को देश की प्रमुख जरूरतों से जोड़ते हुए धार्मिक निर्माण को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है। उनके बयान के सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे हिंदू आस्था और भारतीय संस्कृति से जोड़कर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया आस्था को कमतर आंकने का आरोप
बीजेपी ने पित्रोदा के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार हिंदू आस्था और भारतीय संस्कृति को कमतर आंकने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि देश में शिक्षा, रोजगार और विकास जरूरी मुद्दे हैं, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी अपना महत्व है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि विकास और धार्मिक आस्था को एक-दूसरे के विरोध में खड़ा करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
प्रियंक खड़गे ने किया पित्रोदा का बचाव
वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने सैम पित्रोदा के बयान का बचाव करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए बीजेपी से सवाल किए। प्रियंक खड़गे ने कहा कि देश की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते समय रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
