नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई है। खड़गे ने कहा कि जब तक बैलेट पेपर से मतदान का अधिकार नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के एजेंट थे, हैं और रहेंगे। यह कांग्रेस अध्यक्ष का राजनीतिक आरोप है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और आयोग की ओर से कहा गया है कि उसके आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग मत सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
बैलेट पेपर से मतदान की मांग
INDIA ब्लॉक की बैठक में खड़गे ने EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने भी भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी की मांग रखी। खड़गे ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे को बनाए रखना जरूरी है।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन मुद्दों को लेकर INDIA ब्लॉक ने देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।
ज्ञानेश कुमार पर खड़गे का तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। खड़गे ने उन पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में हुए बदलाव को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। आयोग का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णय निर्धारित संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं और आंतरिक बैठकों में अलग-अलग राय होना सामान्य है।
INDIA ब्लॉक ने बनाया देशव्यापी आंदोलन का प्लान
EVM और SIR को लेकर विपक्षी दलों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। INDIA ब्लॉक ने 2 अक्टूबर से ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के चुनाव आयोग तक मार्च की भी योजना है।
खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में बदलाव की जानकारी और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर विपक्ष की मांगों को दोहराया है। ऐसे में EVM बनाम बैलेट पेपर का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
फिलहाल कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की ओर से बैलेट पेपर की मांग को लेकर अभियान जारी रखने की बात कही गई है, जबकि चुनाव आयोग अपनी मौजूदा चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत व्यवस्था के तहत काम कर रहा है।
