नई दिल्ली/मुंबई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर शुक्रवार को मुंबई और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए। मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जबकि दिल्ली में आम आदमी पार्टी, वामपंथी संगठनों और नागरिक समूहों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया।
मुंबई में अभिजीत दीपके ने उठाए SIR पर सवाल
मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने किया। उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए इसे मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर अपनी बात रखी। दीपके ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में फिल्म जगत से अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, निर्देशक विशाल भारद्वाज और गायक विशाल ददलानी समेत कई लोग नजर आए। शबाना आजमी ने मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखी।
दिल्ली में विपक्षी दलों और संगठनों का प्रदर्शन
दिल्ली में भी SIR और चुनाव आयोग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी विवाद सामने आया।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की संख्या 700 से लेकर करीब 1,100 तक बताई गई है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर कई विपक्षी दल और नागरिक समूह सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया है।
मुंबई और दिल्ली के प्रदर्शनों के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में विभिन्न विपक्षी दलों और संगठनों की ओर से भी प्रदर्शन किए जाने की योजनाएं सामने आई हैं।
