रायपुर। 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर की गिरफ्तारी से पहले पुलिस की कार्रवाई की जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है। पुलिस टीमों ने जब आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, उससे पहले ही वह वहां से निकल चुका था। इसके बाद पुलिस विभाग के भीतर से गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका की जांच शुरू हुई।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात आरक्षक शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम को लाइन अटैच किए जाने की बात सामने आई है। दोनों पर पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने में कथित भूमिका या लापरवाही को लेकर जांच की बात कही जा रही है।
रेड से पहले कैसे निकल गया शोएब?
पुलिस ने शोएब ढेबर की तलाश में पाम बेलाजिओ और बैरन बाजार स्थित उसके पारिवारिक आवास समेत कई संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही आरोपी के वहां से निकल जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि उसे कार्रवाई की जानकारी कैसे मिली।
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रेड की सूचना किस व्यक्ति के माध्यम से बाहर गई और क्या आरोपी को पहले से कार्रवाई की जानकारी थी।

दो आरक्षकों के नाम सामने आए
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम के नाम सामने आए हैं। दोनों एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट से जुड़े बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि को लेकर अंतर है। इसलिए फिलहाल इसे विभागीय जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है।
क्या बड़े स्तर पर भी होगी जांच?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच का अहम हिस्सा यह होगा कि अगर गोपनीय सूचना वास्तव में लीक हुई थी तो वह किस स्तर से बाहर गई और आरोपी तक कैसे पहुंची।
फिलहाल पुलिस का मुख्य लक्ष्य शोएब ढेबर को तलाशना और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच करना है।
