रायपुर। राजधानी रायपुर के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में उपभोक्ताओं के पक्ष में फैसला आया है। उपभोक्ता आयोग ने मॉल में आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली को अनुचित माना है और मॉल प्रबंधन को निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
यह मामला हाईकोर्ट अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला की शिकायत से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 15 जून 2025 को वह अपनी कार से अंबुजा मॉल पहुंचे थे। उन्होंने अपनी मां को छोड़कर वापस जाने की बात कही, लेकिन उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और पार्किंग शुल्क वसूली की वैधता पर सवाल उठाया।
पार्किंग शुल्क वसूली को माना अनुचित
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से गुजरात हाईकोर्ट समेत विभिन्न उपभोक्ता आयोगों के पूर्व फैसलों का हवाला दिया गया। आयोग ने प्रस्तुत तर्कों और संबंधित कानूनी दृष्टांतों पर विचार करते हुए अंबुजा मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली को अनुचित माना और निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
आयोग के समक्ष यह तर्क भी रखा गया कि व्यावसायिक परिसर में पार्किंग भवन की आवश्यक सुविधाओं का हिस्सा है। मॉल प्रबंधन की ओर से पार्किंग व्यवस्था किसी तीसरे पक्ष को दिए जाने की दलील भी सामने आई थी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने जिम्मेदारी से जुड़ी इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
शिकायतकर्ता को मुआवजे का भी आदेश
रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय के भुगतान का भी निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान भी बताया गया है।
क्या दूसरे मॉल पर भी पड़ेगा असर?
इस फैसले के बाद राज्य में मॉल और व्यावसायिक परिसरों द्वारा पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर कानूनी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, किसी एक उपभोक्ता मामले के आदेश को आधार बनाकर प्रदेश के हर मॉल के लिए स्वतः लागू होने वाला अंतिम कानूनी निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अलग-अलग मामलों में संबंधित आदेश, भवन नियम और परिस्थितियां देखी जा सकती हैं।
फिलहाल अंबुजा सिटी सेंटर मॉल से जुड़े इस मामले में उपभोक्ता आयोग का निर्देश आम उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर आगे अन्य उपभोक्ता मामलों में भी इस फैसले का हवाला दिया जा सकता है।
