आरंग। रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में महानदी किनारे मिले शासकीय शिक्षक के शव के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, शिक्षक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके साथ ही स्कूल में पदस्थ एक अन्य शिक्षक ने की थी। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन और पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला ग्राम बनचरौदा के पास महानदी तट का है, जहां 17 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। बाद में मृतक की पहचान ग्राम रामपुर डंगनिया, चंपारण निवासी 46 वर्षीय शिवकुमार चंद्राकर के रूप में हुई। शिवकुमार ग्राम कुम्हारी स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, उनके सिर और चेहरे पर भारी वस्तु और धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटनास्थल के पास से उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी।
सूचना मिलने के बाद रायपुर ग्रामीण एएसपी अभिषेक कुमार झा, सीएसपी लंबोदर पटेल और आरंग थाना प्रभारी नरेश कुमार साहू पुलिस टीम, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की और मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों की गतिविधियों की भी जांच की।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा पर संदेह हुआ। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय लोगों और चरवाहों ने बताया कि घटना वाले दिन शिवकुमार को आखिरी बार चंद्रप्रकाश की सफेद स्कूटी पर जाते हुए देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने कुम्हारी स्थित स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के विद्या समीक्षा केंद्र यानी VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट खंगाली। पुलिस का दावा है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी की गतिविधियों में कई संदिग्ध बातें सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा था। इसके कुछ देर बाद वह निजी काम का हवाला देकर बाहर निकल गया और उसने अपने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दी। दोपहर करीब 12:50 बजे वह स्कूल वापस पहुंचा। पुलिस का कहना है कि उस समय उसने अपने मोबाइल से VSK ऐप पर लॉगिन नहीं किया, बल्कि दूसरे शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की। जांच में सामने आई इन गतिविधियों के बाद पुलिस ने चंद्रप्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि दोनों शिक्षक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच आर्थिक लेन-देन भी था। पुलिस का दावा है कि दोनों रेत, रियल एस्टेट और शेयर ट्रेडिंग समेत अलग-अलग कारोबार में निवेश करते थे। इसी सिलसिले में चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले शिवकुमार की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हर महीने इस रकम पर ब्याज लेता था, लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से ब्याज का भुगतान नहीं किया जा रहा था। जब आरोपी ने रकम और ब्याज की मांग की तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार की हत्या करने की योजना बनाई।
जांच के मुताबिक, 17 सितंबर की सुबह दोनों कुम्हारी स्कूल के पास मिले थे। बातचीत के दौरान आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया और दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। पुलिस का आरोप है कि वहां चंद्रप्रकाश ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे हथौड़े और धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर और चेहरे पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई सफेद स्कूटी, धारदार हथियार और हथौड़ा बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा मृतक के तीन ब्लैंक चेक, पर्स, दोनों के मोबाइल फोन तथा आरोपी के कथित तौर पर खून लगे कपड़े, जूते और मोजे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को मामले की जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले में जुटाए गए डिजिटल, भौतिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। हत्या के पीछे आर्थिक विवाद को मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि मामले के सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
