रायपुर। जगत जननी मां करणी के 639वें जन्मोत्सव एवं अवतरण दिवस को लेकर देशभर में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह है। 17 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले इस पावन अवसर पर राजस्थान के देशनोक स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में मुख्य धार्मिक आयोजन होगा। वहीं, रायपुर में भी मां करणी के अवतरण दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना और विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
क्षत्रिय करणी सेना द्वारा आयोजन की तैयारियां राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता वीरेन्द्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में शुरू कर दी गई हैं। संगठन की ओर से कार्यक्रम को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा और रणनीति तैयार की जा रही है।
देशनोक में हर साल होता है भव्य आयोजन
मां करणी के अवतरण दिवस के अवसर पर देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में हर वर्ष श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिलता है। यहां भव्य शोभायात्रा, रात्रि जागरण और विशेष दर्शन-पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मां करणी के भक्त देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी इस पावन अवसर को अपनी श्रद्धा के अनुसार मनाते हैं। इसी क्रम में इस वर्ष रायपुर में भी विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारी की जा रही है।
रायपुर में कार्यक्रम की रूपरेखा पर काम जारी
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता वीरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि रायपुर में मां करणी के अवतरण दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। कार्यक्रम कहां और किस स्वरूप में आयोजित किया जाएगा, इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आयोजन की अंतिम रूपरेखा तय होने के बाद कार्यक्रम के स्थान, समय और अन्य गतिविधियों की जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
करीब 151 वर्ष तक धरती पर रहीं मां करणी
मां करणी से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में राजोद, जायल, नागौर (राजस्थान) निवासी भगत एवं कैप्टन सज्जन सिंह बताते हैं कि मान्यता के अनुसार मां करणी लगभग 151 वर्ष, 6 महीने और 2 दिन तक सशरीर धरती पर विराजमान रहीं।
उनके अनुसार जैसलमेर-बीकानेर सीमा के निकट धिनोकरणी नामक स्थान पर जल ग्रहण करने के बाद मां करणी ने ज्योतिर्लीन रूप धारण किया था।
देशनोक के मंदिर में स्थापित की गई प्रतिमा
कैप्टन सज्जन सिंह के अनुसार मां करणी के महाप्रयाण के पांचवें दिन, चैत्र शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम संवत 1595 को माता के आदेशानुसार उनकी मूर्ति को देशनोक स्थित निज मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया था।
तब से देशनोक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मां करणी की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। हर वर्ष उनके जन्मोत्सव और अवतरण दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं।
इस वर्ष 17 अक्टूबर को होने वाले 639वें अवतरण दिवस को लेकर क्षत्रिय करणी सेना की ओर से रायपुर में भी आयोजन की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जल्द जारी किए जाने की बात कही गई है।
