रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित कोयला लेवी मामले में सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हो रही है। मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी समेत नौ आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया गया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) मामले की जांच पूरी करने के बाद अंतिम आरोप पत्र या अभियोजन रिपोर्ट पेश करने की तैयारी में है।
नौ आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का निर्देश
विशेष अदालत ने मामले से जुड़े नौ आरोपियों को 5 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इनमें देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, आईएएस अधिकारी जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
सोमवार को देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय और विनोद तिवारी के अदालत पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान EOW-ACB की ओर से मामले में अंतिम चालान पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद अंतिम चार्जशीट की तैयारी
EOW और ACB की ओर से इस मामले में लंबे समय से जांच की जा रही है। जांच के दौरान कथित अवैध वसूली, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की गई है।
अब अंतिम आरोप पत्र दाखिल होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जांच एजेंसी ने किन आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ अभियोजन आगे बढ़ाने की तैयारी की है। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया में आरोपों और जांच से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
देवेंद्र यादव ने सरकार पर लगाए आरोप
कोर्ट पहुंचने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रही जांच के बाद अब चार्जशीट पेश की जा रही है। यादव ने कहा कि वह मामले का सामना करने के लिए तैयार हैं और अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
देवेंद्र यादव ने पूर्व कांग्रेस नेता और वर्तमान में भाजपा से जुड़े चिंतामणि महाराज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मामले की शुरुआती जांच और FIR में उनका नाम था, लेकिन बाद में उनका नाम हट गया। यह देवेंद्र यादव का आरोप है, जिसकी अंतिम स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
अंतिम चालान के बाद आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया
कोयला लेवी मामले में अंतिम चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच एजेंसी के निष्कर्ष औपचारिक रूप से अदालत के रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप, जांच एजेंसी के साक्ष्य और मामले में आगे की सुनवाई की दिशा अधिक स्पष्ट होगी।
फिलहाल सभी की नजर विशेष अदालत में होने वाली आज की कार्यवाही और EOW की ओर से दाखिल किए जाने वाले अंतिम आरोप पत्र पर है।
