बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी नेमीचंद साहू को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र का है, जहां जनवरी 2026 में एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई थी।
अभियोजन के अनुसार, डौंडी लोहारा थाने में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत BNS की धारा 103(1) और 238 में मामला दर्ज किया गया था। 16 जनवरी 2026 को आरोपी नेमीचंद साहू उर्फ नेमू ने ग्राम गुरमी स्थित नाला भेंजरा पठार के पास महिला कमला बाई राजपूत के सिर और चेहरे पर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। उसने शव को पत्थरों से ढक दिया, खून से सने कपड़ों को साफ किया और मृतका के मोबाइल फोन को तोड़ दिया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान को लेकर थी। मृतका के हाथ पर अंग्रेजी अक्षरों में “K.K.” का टैटू बना हुआ था। पुलिस ने इस टैटू को महत्वपूर्ण सुराग मानते हुए तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच आगे बढ़ाई। लगातार जांच और मिले सुरागों के आधार पर मृतका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई।
मृतका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों और घटना से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह के निर्देशन में थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जांच की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए। तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ मैदानी जांच के जरिए पुलिस ने घटना की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया पत्थर, आरोपी के खून से सने कपड़े, हीरो डीलक्स बाइक, मृतका का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और चूड़ियां बरामद की थीं। इन साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया गया। पुलिस ने 26 जनवरी 2026 को आरोपी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच पूरी कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी नेमीचंद साहू को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ जनवरी में सामने आए इस हत्या मामले का न्यायिक स्तर पर फैसला हो गया है।
