पटना/नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 को लेकर बिहार की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को BRICS समिट में आमंत्रित नहीं किए जाने पर RJD नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को निमंत्रण नहीं मिलने को लेकर उनकी ‘योग्यता’ पर कटाक्ष किया और इसी बहाने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि शायद सम्राट चौधरी को उनकी ‘योग्यता’ के आधार पर ही BRICS समिट में नहीं बुलाया गया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि वे वहां जाकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी कह दें कि ‘व्याकुल मत होइए।’
BRICS निमंत्रण को लेकर तेजस्वी का तंज
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में BRICS समिट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को निमंत्रण नहीं दिए जाने के मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।
RJD नेता ने इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया और उनके कथित बयानबाजी के अंदाज को BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ते हुए तंज कसा।
बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र पर निशाना
BRICS समिट के मुद्दे के साथ तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत के मामले में बिहार के साथ ‘सौतेला व्यवहार’ किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार में बाढ़ की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद के लिए केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग भी रखी।
राहत पैकेज की मांग को लेकर तेज हुई सियासत
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और ऐसे समय में केंद्र सरकार को राज्य की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल राहत और पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
BRICS समिट को लेकर मुख्यमंत्री को निमंत्रण न मिलने और बिहार की बाढ़ के मुद्दे को तेजस्वी यादव द्वारा एक साथ उठाए जाने के बाद राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
फिलहाल BRICS Summit 2026 को लेकर देश-दुनिया की नजरें नई दिल्ली पर हैं, वहीं बिहार में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी ने राज्य की सियासत को भी गरमा दिया है।
