भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मचा राजनीतिक घमासान अब धीरे-धीरे शांत होता नजर आ रहा है। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और कार्यकर्ताओं से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की। वहीं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भरोसा जताया कि दतिया में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की अपील
दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा की ओर से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का निर्णय है और पार्टी का फैसला सर्वोपरि होता है।उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विरोध प्रदर्शन के वीडियो का जिक्र करते हुए अपने समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी तरह का उग्र प्रदर्शन न करें और अपनी बात पार्टी के मंच पर रखें।
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
दतिया में टिकट को लेकर जारी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा हर फैसला पूरी सोच-समझकर लेती है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। उन्होंने कहा,
“मैं नरोत्तम जी को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। वे पार्टी के लिए काम करेंगे। हर चुनाव में हजारों लोग टिकट मांगते हैं, लेकिन सभी को टिकट नहीं मिल सकता। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है और दतिया में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे।”
टिकट घोषित होने के बाद हुआ था जोरदार विरोध
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने दतिया में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-44 को करीब 11 घंटे तक जाम रखा, जिससे चार जिलों में यातायात प्रभावित हुआ। दतिया शहर में बाजार भी बंद रहे और कुछ स्थानों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
भाजपा संगठन पर बढ़ा दबाव
विरोध के बीच भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं और पार्षदों ने नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में इस्तीफे की घोषणा भी की थी। हालांकि अब नरोत्तम मिश्रा की अपील के बाद पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि कार्यकर्ताओं का असंतोष कम होगा और सभी नेता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।अब दतिया उपचुनाव में भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती संगठन को पूरी तरह एकजुट रखना होगी, जबकि विपक्ष भी इस अंदरूनी नाराजगी को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकता है।
