बेलगावी (कर्नाटक): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक ‘अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक’ शुक्रवार को कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो गई है। इस तीन दिवसीय बैठक में संघ के शीर्ष पदाधिकारियों सहित देश भर के प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं, जहां मुख्य रूप से सांगठनिक गतिविधियों, शाखा विस्तार और संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े आगामी कार्यक्रमों पर गहन चर्चा की जा रही है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
RSS द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ के सर्वोच्च पदाधिकारी शामिल हुए हैं:
सरसंघचालक: डॉ. मोहन भागवत
सरकार्यवाह: दत्तात्रेय होसबाले
अन्य पदाधिकारी: सभी सह-सरकार्यवाह, अखिल भारतीय विभाग प्रमुख, उनके सहयोगी, केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह-क्षेत्र प्रचारक, और सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक व सह-प्रांत प्रचारक।
इसके साथ ही, संघ से प्रेरित विभिन्न विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
इन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित है बैठक
- ट्रेनिंग कैंप्स की समीक्षा: मार्च 2026 के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए गए विभिन्न स्तरों के प्रशिक्षण शिविरों (Training Camps) की रिपोर्ट पर विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
- शाखा स्तर पर एक्शन प्लान: जमीनी स्तर पर कार्यप्रणाली को और मजबूत करने के लिए शाखा स्तर पर तैयार की गई कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन (Implementation) पर चर्चा हो रही है।
- शताब्दी वर्ष और शाखा विस्तार: संघ के शताब्दी वर्ष (Centenary Year) समारोहों के तहत अब तक की गई शाखा विस्तार की गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है और आगामी समय में इसे और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
- भावी कार्यक्रम और प्रवास: शताब्दी वर्ष के अंतर्गत पूरे हो चुके कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ बचे हुए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके अलावा, वर्ष 2026-27 के लिए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के देशव्यापी प्रवास (टूर प्लान) पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
विजयादशमी तक चलेंगे शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम:
संघ ने स्पष्ट किया है कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) के शेष सभी कार्यक्रम आगामी 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक निरंतर जारी रहेंगे।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
