करूर (तमिलनाडु): तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने 2025 में हुए करूर भगदड़ हादसे को अपने राजनीतिक सफर का सबसे गहरा जख्म बताया है। करूर के एटलस ग्राउंड में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जीवन में इंसान चाहे कितनी भी बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंच जाए, लेकिन दिल के कुछ घाव कभी नहीं भरते। उनके लिए करूर की घटना ऐसा ही एक कभी न भूलने वाला दर्द है।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरियों के अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपे।
विपक्ष और तत्कालीन सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने उस समय की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्कालीन DMK सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भीड़ को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही थी। विजय ने कहा, “पेरम्बलूर में भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हमें कार्यक्रम रद्द करने की सलाह दी थी, तो फिर करूर में इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद कोई चेतावनी क्यों नहीं दी गई? अगर पुलिस को लगता कि माहौल बेकाबू हो सकता है, तो उनके पास कार्यक्रम रोकने का पूरा अधिकार था। मैंने उन पर भरोसा किया, लेकिन उन्होंने हमें सीधे आयोजन स्थल पर ला खड़ा किया।”
उन्होंने आगे कहा कि इस हादसे में कई मासूम बच्चों की जान चली गई, जो उन्हें ‘विजय अंकल’ कहकर बुलाते थे। इस दुखद घड़ी में भी विरोधियों ने उन पर राजनीति करने और ‘भाग जाने’ के झूठे आरोप लगाए।
पीड़ितों की याद में बनेगा भव्य स्मारक
भविष्य में ऐसी किसी भी राजनीतिक साजिश को रोकने और आने वाली पीढ़ियों को इस घटना की सच्चाई बताने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि TVK पार्टी की ओर से करूर में इस हादसे के पीड़ितों की याद में एक भव्य स्मारक (Memorial) बनाया जाएगा, ताकि इस त्रासदी का राजनीतिकरण न किया जा सके।
मद्रास हाईकोर्ट की हरी झंडी और सुरक्षा में चूक
इस कार्यक्रम से ठीक पहले मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को पीड़ितों के परिवारों को नौकरी के आदेश जारी करने की अनुमति दे दी थी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये नियुक्तियां अभी अस्थायी होंगी और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में थोड़ी चूक भी देखने को मिली, जब एक अज्ञात व्यक्ति बैरिकेड्स तोड़कर उनके काफिले की तरफ बढ़ने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और मुख्यमंत्री का काफिला बिना किसी बाधा के आगे बढ़ गया।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
