लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। ग्राम पंचायतों में प्रधानों को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त करने के बाद अब जिला पंचायतों में भी यही व्यवस्था लागू कर दी गई है। सरकार ने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को नई जिला पंचायत के गठन तक संबंधित जिला पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है।सरकार के इस फैसले से साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) चुनाव फिलहाल टल सकते हैं। वहीं, ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में संभावना है कि उन्हें भी अपने-अपने ब्लॉक का प्रशासक नियुक्त किया जाए।
75 जिला पंचायत अध्यक्ष संभालेंगे जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया है। ऐसे में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने अंतरिम व्यवस्था लागू करते हुए सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह व्यवस्था नई जिला पंचायत के गठन तक प्रभावी रहेगी।
ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द फैसला
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म होने वाला है। ऐसे में सरकार 18 जुलाई के आसपास उन्हें भी प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर सकती है। इससे यह भी संकेत मिल रहे हैं कि ब्लॉक स्तर के चुनाव भी फिलहाल टल सकते हैं।
ग्राम पंचायतों में पहले ही लागू हो चुकी है व्यवस्था
इससे पहले ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त किया था। अब उसी मॉडल को जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत स्तर पर भी लागू किया जा रहा है।
हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई
ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई जारी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि मौजूदा ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का अधिकार किस कानून के तहत दिया गया है।
जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सरकार से पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन पर भी एक्शन रिपोर्ट मांगी है। साथ ही अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3A) की वैधता पर भी विचार किया जाना आवश्यक है।
चुनाव कब होंगे?
फिलहाल सरकार ने पंचायत चुनाव की तारीखों का कोई ऐलान नहीं किया है। प्रशासनिक स्तर पर अंतरिम व्यवस्था लागू होने और हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई जारी रहने के कारण पंचायत चुनावों में देरी की संभावना और मजबूत हो गई है।
मुख्य बातें:
- ग्राम प्रधानों के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने प्रशासक।
- 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को नई व्यवस्था के तहत जिम्मेदारी।
- 19 जुलाई के बाद ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाया जा सकता है।
- पंचायत चुनाव फिलहाल टलने के संकेत।
- हाईकोर्ट ने सरकार से कानूनी आधार और पिछड़ा वर्ग आयोग पर मांगी रिपोर्ट।
