खैरागढ़। ग्राम पिपलाकछार में टूटे बिजली तार की चपेट में आने से किसान धनसाय पटेल की मौत के मामले में अब बिजली विभाग ने कार्रवाई की है। हादसे के करीब एक महीने बाद मुढ़ीपार विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता अतुल गहरवार का तबादला साल्हेवारा कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य अभियंता राजनांदगांव के स्तर से की गई है। हालांकि, विभागीय जांच अभी जारी बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, खेत के किनारे बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में विभाग को करीब दो माह पहले ही शिकायत दी गई थी, लेकिन समय पर तार की मरम्मत नहीं की गई। 10 जुलाई को खेत में काम करने पहुंचे धनसाय पटेल सहित चंपा साहू और सीमनदास साहू इसकी चपेट में आ गए। हादसे में धनसाय की मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दोनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
धनसाय अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक शकुन पटेल के कंधों पर आ गई है। उन्होंने दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कार्यपालन अभियंता ए.के. दुबे ने बताया कि मामले की विभागीय जांच चल रही है। उच्च कार्यालय के निर्देश पर कनिष्ठ अभियंता का तबादला किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुआवजे से संबंधित दस्तावेज शासन को भेजे जा रहे हैं और लगभग एक महीने के भीतर राशि मिलने की उम्मीद है।
हादसे के बाद उठ रहे कई सवाल
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि बिजली के टूटे तार की शिकायत हादसे से पहले ही विभाग को मिल चुकी थी, तो समय रहते उसे ठीक क्यों नहीं कराया गया? आखिर किसान की जान जाने के बाद ही व्यवस्था क्यों जागी?
ग्रामीणों और परिजनों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि केवल तबादले की कार्रवाई क्या पर्याप्त है? विभागीय जांच में यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होगी और पीड़ित परिवार को मुआवजा कब तक मिलेगा—इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
