नई दिल्ली। संसद में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद गाए जाने को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस द्वारा केवल शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर तुष्टिकरण की राजनीति की राह पर चल रही है। शाह ने कहा कि कांग्रेस अपने पुराने रुख को आधार बनाकर संसद में लिए गए मौजूदा फैसले को नजरअंदाज कर रही है।
बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कुछ भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को ‘नई मुस्लिम लीग’ तक करार दिया और आरोप लगाया कि पार्टी राष्ट्रगीत के मुद्दे पर भी राजनीतिक तुष्टिकरण कर रही है।
कांग्रेस ने किया पलटवार
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश के महापुरुषों और नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए ऐतिहासिक विचारों पर आधारित है। कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीतिक विवाद पैदा करने की कोशिश बताया।
‘वंदे मातरम’ को लेकर बढ़ा विवाद
दरअसल, संसद में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद गाए जाने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। कांग्रेस के केवल दो छंद गाने के फैसले ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
भाजपा जहां इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस अपने फैसले को ऐतिहासिक संदर्भों और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जोड़कर देख रही है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।
