गरियाबंद। देवभोग थाना क्षेत्र के टिकरापारा नाला में अचानक आई बाढ़ के बीच चार लोग फंस गए। देर रात घटना की सूचना मिलते ही देवभोग पुलिस और डायल-112 की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद SDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने अंधेरी रात और तेज बहाव के बीच अभियान चलाकर करीब रात 2 बजे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
तेज बहाव के बीच फंसे थे चार लोग
जानकारी के अनुसार, टिकरापारा नाला तेल नदी से कटकर बने क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। इसी दौरान ग्रामीणों ने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी कि चार लोग बाढ़ के बीच फंस गए हैं।
सूचना मिलते ही देवभोग थाना पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। पानी का तेज बहाव और रात के अंधेरे को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और SDRF टीम को भी तत्काल बुलाया गया।
पुलिस और SDRF ने मिलकर चलाया रेस्क्यू
मौके पर पहुंची SDRF टीम और देवभोग पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखा।
कड़ी मशक्कत के बाद करीब रात 2 बजे बाढ़ में फंसे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन से एक बड़ा हादसा टल गया।
चारों लोग टिकरापारा के निवासी
रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
त्रिनाथ मरकाम, पिता चित्रांग मरकाम, उम्र 45 वर्ष
बलभद्र मरकाम, पिता चित्रांग मरकाम, उम्र 42 वर्ष
दुबनी बाई मरकाम, पति त्रिनाथ मरकाम, उम्र 30 वर्ष
जयमनी, पति बलभद्र मरकाम, उम्र 28 वर्ष
चारों टिकरापारा, थाना देवभोग, जिला गरियाबंद के निवासी बताए गए हैं।
समय पर कार्रवाई से बची चार जिंदगियां
डायल-112 से सूचना मिलते ही देवभोग पुलिस की तत्काल कार्रवाई और SDRF के साथ बेहतर समन्वय के चलते चारों लोगों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। आधी रात चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और SDRF की तत्परता और साहस ने चार जिंदगियों को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका निभाई।
