मुंबई। अमेरिकी और ईरान के बीच दोबारा बातचीत की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से घरेलू शेयर बाजार को बुधवार को राहत मिली। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी ने बाजार की रिकवरी को मजबूती दी।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत बढ़कर 74,828.25 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,446.80 के स्तर पर पहुंच गया।
23,500 का स्तर निफ्टी के लिए अहम
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,450 से 23,500 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज करता है तो रिकवरी को और मजबूती मिल सकती है और निफ्टी के लिए 23,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
वहीं, अगर निफ्टी 23,500 के स्तर को पार करने में सफल नहीं होता है तो बाजार कुछ समय तक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। नीचे की ओर 23,300 तत्काल सपोर्ट है, जबकि 23,200 के आसपास अगला मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोमेंटम इंडिकेटर्स से संकेत मिल रहे हैं कि हालिया बिकवाली का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
बुधवार की रिकवरी में मेटल और फाइनेंशियल शेयरों की अहम भूमिका रही। निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज शामिल रहे।
सेक्टर की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। प्रमुख मेटल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से इस इंडेक्स को मजबूती मिली। इसके अलावा FMCG सेक्टर में भी बाजार का रुख सकारात्मक रहा।
IT शेयरों पर दबाव बरकरार
जहां मेटल और कई अन्य सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, वहीं टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा। निफ्टी IT इंडेक्स दिन का कमजोर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सेक्टर इंडेक्स रहा।
बाजार में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यापक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बढ़त
बुधवार को व्यापक बाजार में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.70 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इससे संकेत मिला कि निवेशकों की भागीदारी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर
बाजार की नजर फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों पर भी बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं के बीच तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहीं। ऊर्जा लागत को लेकर चिंता कम होने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कुछ समर्थन मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक तेल की कीमतों में स्थिरता घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,500 का स्तर अहम रहेगा और निवेशक बाजार की दिशा के लिए वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर रखेंगे।
