पटना, 3 सितंबर 2026। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने देश की GDP ग्रोथ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की ओर से पेश किए जा रहे आर्थिक विकास के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी, उनकी जेब और रसोई में दिखाई देती है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि GDP बढ़ने के दावों के बीच सरकार को यह भी देखना चाहिए कि इसका सीधा फायदा आम जनता को कितना मिल रहा है। उन्होंने महंगाई, लोगों की आय और रोजमर्रा के खर्च का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जमीनी स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।
प्रति व्यक्ति आय को लेकर सरकार पर सवाल
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति आय का भी जिक्र किया। उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार के GDP संबंधी दावों पर सवाल खड़े किए और कहा कि केवल आर्थिक आंकड़ों के आधार पर देश की तरक्की का आकलन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक विकास का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और लोगों की आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार दिखाई दे।
‘आंकड़ों और नारों के बजाय जमीन पर काम हो’
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सरकार को केवल आंकड़ों और नारों पर जोर देने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का असर आम लोगों की आय, रोजगार, खर्च करने की क्षमता और घरेलू बजट में दिखाई देना चाहिए। उनके मुताबिक, जब लोगों की जिंदगी में सुधार होगा, तभी विकास के आंकड़ों का वास्तविक असर माना जाएगा।
GDP को लेकर सियासत तेज
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश की आर्थिक वृद्धि और GDP के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष लगातार सरकार के आर्थिक दावों पर सवाल उठाता रहा है, जबकि केंद्र सरकार आर्थिक विकास को अपनी नीतियों की उपलब्धि के तौर पर पेश करती है।
तेजस्वी के ताजा बयान से एक बार फिर GDP, प्रति व्यक्ति आय और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
