रायरंगपुर (ओडिशा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कभी पिछड़ेपन का प्रतीक माना जाने वाला पूर्वी भारत अब देश के विकास और आर्थिक प्रगति का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि ओडिशा आज निवेश, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा राज्य को ‘उत्कर्ष ओडिशा’ पहल के तहत लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं, मयूरभंज में भव्य कार्यक्रम
मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी ने 47,600 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- राष्ट्रपति का गांव बनेगा ‘सूर्य ग्राम’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि मयूरभंज की बेटी आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होकर पूरे ओडिशा और देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
मोदी ने राष्ट्रपति के गांव पहाड़पुर को ‘सूर्य ग्राम’ के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि यहां सौर ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर मॉडल विकसित किया जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
- ‘पूर्वोदय’ नीति से पूर्वी भारत के विकास को नई दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘पूर्वोदय’ नीति का उद्देश्य पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक पूर्वी राज्यों का समग्र विकास सुनिश्चित न हो।
- ओडिशा बन रहा निवेश और उद्योग का नया केंद्र
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा विकास का नया अध्याय लिख रहा है। राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पूंजी निवेश बढ़ रहा है। केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही लगभग छह हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
- 47,600 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, वे राज्य की आधारभूत संरचना, ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास को मजबूत करेंगी। इनसे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
- जनकल्याण योजनाओं से लोगों तक पहुंच रहा लाभ
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सुभद्रा योजना तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत योजना लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
- आदिवासी विकास और शिक्षा पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने पीएम जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने संथाली भाषा और संस्कृति के महान पुरोधा पंडित रघुनाथ मुर्मु को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उन्होंने मयूरभंज जिले में एक और नवोदय विद्यालय खोलने की मंजूरी देने की घोषणा भी की।
- योग दिवस पर देशवासियों से भागीदारी की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और स्वस्थ जीवन का आधार भी।
