नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर मिले चढ़ावे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इसके लिए भाजपा व आरएसएस से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने दावा किया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं से जुड़े करीब 20,000 करोड़ रुपये के चढ़ावे में कथित लूट हुई है। उन्होंने कहा, “भगवान के नाम पर राजनीति करने वाले लोग आज भगवान के नाम पर ही लूट कर रहे हैं। यह काम गरीबों, किसानों या दलितों ने नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने किया है।”
- वोटर लिस्ट और परिसीमन पर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के जरिए सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा और असम जैसे राज्यों में मतदाता सूचियों में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
खड़गे ने कहा कि भाजपा सरकार का ध्यान शासन से अधिक चुनावी रणनीति पर केंद्रित है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं राजनीतिक लाभ के अनुसार तय करने की कोशिश की जा रही है।
- ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी उठाए सवाल
संसद के आगामी मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन प्रस्तावों का गंभीरता से अध्ययन करेगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप अपना पक्ष रखेगी।
- संविधान की रक्षा का किया आह्वान
डॉ. भीमराव आंबेडकर को आधुनिक भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का निर्माता बताते हुए खड़गे ने कहा कि संविधान ने दलितों, महिलाओं और वंचित वर्गों को समान अधिकार, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया। उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया गया तो लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता पर खतरा पैदा हो जाएगा।
- महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कल्याणकारी योजनाओं के कमजोर होने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता की मूल समस्याओं के समाधान के बजाय केवल चुनावी राजनीति पर ध्यान दे रही है। खड़गे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को रोजगार, भोजन और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना होना चाहिए तथा संविधान की रक्षा ही नागरिकों के अधिकारों की सबसे बड़ी गारंटी है।
