नई दिल्ली। केंद्रीय राजनीतिक गलियारों में नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। हर बार की तरह इस बार भी चर्चा है कि किसे सरकार में उनके बेहतर प्रदर्शन का ‘इनाम’ मिलेगा और किसका पत्ता कटेगा। हालांकि, साल 2014 से लेकर अब तक के मोदी सरकार के रिकॉर्ड और आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो कैबिनेट में मंत्रियों को बदलने का एक बेहद दिलचस्प और तय पैटर्न नजर आता है।
आंकड़े बताते हैं कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे मुख्य रणनीतिक विभागों (CCS Ministries) को बार-बार के फेरबदल से बचाकर बेहद स्थिर रखा है, वहीं जनता से सीधे जुड़े सामाजिक, कानून और संचार क्षेत्रों के मंत्रालयों में सबसे ज्यादा ‘म्यूजिकल चेयर’ का खेल देखने को मिला है।
ये हैं मोदी सरकार के ‘पिलर्स’: अमित शाह, जयशंकर और गडकरी की लंबी पारी
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) में शामिल मंत्रालय मोदी सरकार के सबसे मजबूत स्तंभ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, राजनाथ सिंह एकमात्र ऐसे नेता हैं जो 2014 से लगातार सीसीएस (CCS) के सदस्य बने हुए हैं। वहीं नितिन गडकरी ने 2014 से अब तक लगातार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का जिम्मा संभाला है।
- अमित शाह: मोदी सरकार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक रहने वाले गृह मंत्री।
- एस. जयशंकर: देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक स्वतंत्र प्रभार संभालने वाले विदेश मंत्री। उनसे ज्यादा समय तक यह पद सिर्फ जवाहरलाल नेहरू के पास रहा, जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए विदेश मंत्रालय संभाला था।
- निर्मला सीतारमण: लगातार 8 केंद्रीय बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बनकर उन्होंने इतिहास रचा।
- राजनाथ सिंह: देश के सबसे लंबे समय तक रक्षा मंत्री रहने वाले दूसरे नेता।
इन मंत्रालयों में किसी भी मंत्री का कार्यकाल नहीं हुआ पूरा
मोदी सरकार ने 2014 से अब तक कुल 5 बार बड़ा फेरबदल किया है (आखिरी बड़ा बदलाव जुलाई 2021 और छोटा बदलाव 2023 में हुआ था)। विश्लेषण के मुताबिक, निम्नलिखित महत्वपूर्ण मंत्रालयों में आज तक कोई भी मंत्री अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका:
1. सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) – 7 बार बदलाव
इस मंत्रालय में सबसे ज्यादा उथल-पुथल रही है। 2014 से अब तक 7 बार चेहरे बदले जा चुके हैं। प्रकाश जावड़ेकर से शुरू होकर अरुण जेटली, वेंकैया नायडू, स्मृति ईरानी, राज्यवर्धन सिंह राठौर, अनुराग ठाकुर और अब अश्विनी वैष्णव तक यह कमान पहुंची है। बीजेपी नेतृत्व वाली दोनों एनडीए सरकारों में यहां किसी का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ।
2. ग्रामीण विकास मंत्रालय – 5 बार बदलाव
इसकी शुरुआत 2014 में गोपीनाथ मुंडे के असामयिक निधन के बाद हुई। इसके बाद नितिन गडकरी (अतिरिक्त प्रभार), बीरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, गिरिराज सिंह और अब शिवराज सिंह चौहान ने इस मंत्रालय को संभाला। केवल गिरिराज सिंह ही ऐसे मंत्री रहे जिन्होंने 2019-24 का अपना कार्यकाल पूरा किया।
3. कानून और न्याय मंत्रालय (Law Ministry) – 4 बार बदलाव
रविशंकर प्रसाद से लेकर सदानंद गौड़ा, फिर रिजीजू और अब अर्जुन राम मेघवाल तक इस मंत्रालय की कमान बदली। हालांकि, रविशंकर प्रसाद ने 2016 से 2021 के बीच दोनों कार्यकालों को मिलाकर लगभग 5 साल तक इस पद को संभाला था।
4. शिक्षा मंत्रालय (Education Ministry) – 4 बार बदलाव
मानव संसाधन विकास (अब शिक्षा) मंत्रालय में स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और धर्मेंद्र प्रधान रहे। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान जुलाई 2021 से लगातार दूसरी और तीसरी मोदी सरकार में इस मंत्रालय को संभालकर सबसे स्थिर नजर आ रहे हैं।
सहयोगियों को साधने के लिए इस्तेमाल हुए ये विभाग
डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing) मंत्रालयों का इस्तेमाल ज्यादातर एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों को संतुष्ट करने और गठबंधन सरकार को मजबूती देने के लिए किया गया। नागरिक उड्डयन में अशोक गजपति राजू से लेकर सुरेश प्रभु, हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब राम मोहन नायडू तक 4 बार चेहरे बदले। इसी तरह संस्कृति और पर्यटन मंत्रालयों में भी क्रमश: 4 और 5 बार फेरबदल किए गए।
