बस्ती/अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बस्ती जिले को विकास की एक बड़ी सौगात दी। एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹504 करोड़ से अधिक की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।यह कार्यक्रम बस्ती के हरैया और कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की, बल्कि विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और सहायता सामग्री भी वितरित की।
अयोध्या में बदला भदरसा का नाम, विपक्ष पर साधा निशाना
बस्ती के अलावा मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भी एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि भगवान राम के छोटे भाई भरत के सम्मान में अब भदरसा का नाम बदलकर ‘भरतपुर-भरतकंड’ किया जाएगा।
अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“आज लाखों लोग अयोध्या आ रहे हैं। उन्होंने (सपा) हनुमान गढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था। लेकिन हमारी सरकार ने अयोध्या को नई पहचान दी है। आज अयोध्या सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी से पूरी तरह जुड़ चुकी है।”
उन्होंने कांग्रेस और सपा से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वे कभी जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित करा सकते हैं? अगर नहीं, तो उन्होंने अतीत में ऐसा पाप क्यों किया।
बुंदेलखंड बनेगा ‘धरती का स्वर्ग’
इससे पहले, बांदा में एक अन्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के कायाकल्प का खाका भी खींचा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड को एक वैश्विक औद्योगिक और रक्षा विनिर्माण (डिफेंस कॉरिडोर) हब बनाने के लिए काम कर रही है।
- ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण: सीएम ने बताया कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के तहत इस क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे “जब भारत मिसाइल दागेगा, तो दुश्मन कांप उठेगा।”
- माफियाओं पर कार्रवाई: सरकार ने भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से लगभग 64,000 एकड़ जमीन को मुक्त कराया है।
- बदली बुंदेलखंड की तस्वीर: लगभग एक दशक पहले के बुंदेलखंड को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो क्षेत्र कभी पलायन, पानी की किल्लत और खनन व भू-माफियाओं के आतंक के लिए जाना जाता था, वह आज एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है और ‘हर घर नल’ योजना के जरिए पानी घर-घर पहुंच रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
