रायपुर। राजधानी रायपुर की सफाई व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। रायपुर नगर निगम शहर के 70 वार्डों में अलग-अलग टेंडर देने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने जा रहा है। इसके बदले अब पूरे शहर के लिए 4 बड़े सेंट्रलाइज्ड (केंद्रीयकृत) टेंडर जारी किए जाएंगे, जो शहर की चार विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर होंगे।नगर निगम ने इसकी सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और अगले एक से दो दिनों के भीतर इसके टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
नई व्यवस्था की 4 बड़ी बातें:
- बीट सिस्टम से तय होगी जवाबदेही: नए फॉर्मूले के तहत पूरे शहर को अलग-अलग ‘बीट’ में बांटा जाएगा। हर बीट की सफाई की सीधी जिम्मेदारी संबंधित ठेका एजेंसी की होगी।
- कर्मचारियों की हाजिरी नहीं, काम दिखेगा: अब तक केवल सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी होती थी, लेकिन अब फोकस वास्तविक सफाई पर होगा। एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़कें, गलियां और नालियां हमेशा साफ रहें। जरूरत पड़ने पर दिन में एक से अधिक बार भी सफाई करनी होगी।
- लापरवाही पर भारी जुर्माना: यदि किसी भी बीट में कचरा या गंदगी पाई गई, या नालियों की सफाई में लापरवाही दिखी, तो संबंधित ठेका एजेंसी पर सीधा आर्थिक जुर्माना (फाइन) लगाया जाएगा।
- अधिकारियों की औचक जांच: निगम के आला अधिकारी नियमित रूप से और अचानक (Surprise Inspection) क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इसी जांच के आधार पर एजेंसियों का परफॉर्मेंस तय होगा।
क्यों पड़ी इस नए फॉर्मूले की जरूरत?
वर्तमान में रायपुर के 70 वार्डों में अलग-अलग छोटे ठेकेदारों के जरिए सफाई होती है। इस वजह से:
- अलग-अलग वार्डों में भुगतान की दरें अलग थीं।
- मैनपावर (सफाई कर्मचारियों) की लगातार कमी बनी रहती थी।
- ठेकेदारों के आपसी विवादों के कारण कई वार्डों में सफाई व्यवस्था ठप हो जाती थी।
फायदा: चार बड़े विधानसभा-स्तरीय टेंडर होने से निगम के लिए मॉनिटरिंग (निगरानी) करना आसान होगा, पेमेंट में एकरूपता आएगी और संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
मुख्यमंत्री की बैठक में बना था ‘मास्टर प्लान’
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इसी साल जनवरी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में रायपुर की सफाई को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए सेंट्रलाइज्ड टेंडर प्रणाली लागू करने पर सहमति बनी थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
अधिकारी का बयान:
“जनवरी में मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णय के अनुरूप अब वार्डवार टेंडर व्यवस्था समाप्त की जा रही है। चार विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर नए टेंडर से निगरानी बेहतर होगी, जवाबदेही तय होगी और पूरे रायपुर शहर में एक समान एवं प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।”
— सबित मिश्रा, आयुक्त, रायपुर नगर निगम
