जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से दिल दहला देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति के लालच में 24 साल की एक बेटी (आयुषी) ने न सिर्फ अपनी मां की सुपारी देकर हत्या करवा दी, बल्कि अब उस पर एक साल पहले अपने पिता की भी सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है।जयपुर की प्रताप नगर पुलिस ने आरोपी बेटी आयुषी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले की कड़ियां अब उसके पिता की संदिग्ध मौत से भी जुड़ती नजर आ रही हैं।
7 लाख की सुपारी देकर मां को गाड़ी से कुचलवाया
लॉ (Law) की पढ़ाई कर रही आयुषी को अपनी मां नीरज शर्मा की सरकारी नौकरी और संपत्ति चाहिए थी। इसके लिए उसने अपने ताऊ मोहन और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर साजिश रची।साजिश और सुपारी चचेरे भाई बलराम ने भरतपुर के सुपारी किलर्स को 7 लाख रुपये दिए।हादसे का रूप देने की कोशिश 3 जुलाई को जब मां नीरज शर्मा घर से करीब 100 मीटर दूर वॉक पर निकली थीं, तब एक स्कॉर्पियो गाड़ी से उन्हें बेरहमी से कुचल दिया गया।खुलासा शुरुआत में पुलिस इसे हिट एंड रन (सड़क हादसा) मान रही थी, लेकिन तकनीकी जांच और परिवार के इनपुट्स के बाद हत्या का यह खौफनाक सच सामने आया। पुलिस ने सुपारी लेने वाले 5 आरोपियों (हेमंत, आकाश, मोहित, अरविंद और रोहित) को गिरफ्तार कर लिया है।
अब पिता की मौत पर भी गहराया सस्पेंस, मामा ने दर्ज कराई FIR
इस मामले में तब एक नया और हैरान करने वाला मोड़ आया, जब आयुषी के सगे मामा राकेश शर्मा ने प्रताप नगर थाने में एक नई शिकायत दर्ज कराई। मामा का दावा है कि आयुषी ने अप्रैल 2025 में ही अपने पिता विजय शर्मा (जो राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे) की भी हत्या कर दी थी।
मामा राकेश शर्मा का गंभीर आरोप
“पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ था। आयुषी और उसका चचेरे भाई बलराम बेहतर इलाज के बहाने उन्हें किसी अज्ञात जगह ले गए और 3 महीने तक परिवार से छिपाकर रखा। इलाज के दौरान साजिश के तहत पिता की ‘फीडिंग पाइप’ (खाना पहुंचाने वाली नली) हटा दी गई, जिससे उनके अंग खराब हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।”
क्या था इसके पीछे का गणित?
विजय शर्मा की मौत के बाद आयुषी को लगा था कि अनुकंपा के आधार पर वह सरकारी नौकरी हासिल कर लेगी। लेकिन नियम के मुताबिक, वह नौकरी उसकी मां नीरज शर्मा को मिल गई। नौकरी हाथ से जाने के बाद आयुषी ने मां को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
असली मास्टरमाइंड कौन: बेटी या ताऊ का परिवार?
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि आयुषी का भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ (Mentally Disturbed) है। आयुषी अपनी मां के साथ रहने के बजाय अपने ताऊ मोहन और चचेरे भाई बलराम के साथ सांगानेर वाले घर में रहती थी।
- अवैध संबंधों का एंगल: सूत्रों के मुताबिक, आयुषी और बलराम के बीच अवैध संबंध होने की बात भी सामने आ रही है।
- प्रॉपर्टी हड़पने की चाह: पुलिस को शक है कि इस पूरी साजिश का असली सूत्रधार ताऊ मोहन और उसका बेटा बलराम हैं, जिन्होंने संपत्ति हड़पने के लिए आयुषी का माइंड डाइवर्ट किया और उसे मोहरा बनाया।
वर्तमान स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
- मुख्य आरोपी फरार: चचेरे भाई बलराम अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
- मनोवैज्ञानिकों की मदद: आयुषी की मानसिक स्थिति और उसकी क्रिमिनल प्रोफाइल को समझने के लिए पुलिस मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) की मदद लेने की तैयारी कर रही है।
- हर एंगल से जांच: पुलिस प्रशासन का कहना है कि पिता की मौत को लेकर जो एफआईआर दर्ज हुई है, उसकी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इस पूरे मामले का मुकम्मल खुलासा किया जाएगा।
