पटना: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव करते हुए अपने घोषित उम्मीदवार को बदल दिया है। भाजपा की ओर से टिकट मिलने के बाद नामांकन दाखिल कर चुके अभिषेक कुमार सिन्हा ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया है।अभिषेक सिन्हा ने नामांकन वापस लेने की वजह पारिवारिक कारण बताई है, लेकिन इस फैसले के पीछे राजनीतिक कारणों की चर्चा भी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कुछ घंटों में बदल गई पूरी तस्वीर
गुरुवार को भाजपा उम्मीदवार के रूप में अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन दाखिल किया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उनके समर्थन में प्रचार कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार शाम अचानक उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके तुरंत बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।बांकीपुर सीट पर नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है, जबकि मतदान 30 जुलाई और मतगणना 3 अगस्त को होगी।
क्या चारा घोटाला बना वजह?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अभिषेक कुमार सिन्हा के माता-पिता का नाम चारा घोटाले से जुड़े मामले में सामने आया था और सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। चूंकि भाजपा लंबे समय से चारा घोटाले को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाती रही है, इसलिए विपक्ष इस मामले को चुनावी हथियार बना सकता था।हालांकि भाजपा ने उम्मीदवार बदलने की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की है और अभिषेक सिन्हा ने भी केवल पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है।
क्या है अंदरूनी गुटबाजी का मामला?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भाजपा के अंदरूनी समीकरणों से भी जुड़ा हो सकता है। कुछ जानकार इसे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी का परिणाम मान रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि विपक्ष को बड़ा मुद्दा बनने से रोकने के लिए नेतृत्व ने समय रहते फैसला बदल दिया।
प्रशांत किशोर ने साधा निशाना
इस उपचुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पार्टी को अपनी सीट पर भरोसा होता, तो उम्मीदवार बदलने की नौबत नहीं आती।प्रशांत किशोर लगातार बांकीपुर के मतदाताओं से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील कर रहे हैं और इस चुनाव को राज्य की राजनीति के लिए अहम बता रहे हैं।
भाजपा के सामने आसान नहीं होगी राह
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन करते थे, जिन्होंने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद ही यहां उपचुनाव हो रहा है।हालांकि पिछले चुनाव में भाजपा की जीत बड़ी रही थी, लेकिन कम मतदान प्रतिशत और इस बार प्रशांत किशोर की मौजूदगी चुनाव को पहले से अधिक दिलचस्प बना रही है। दूसरी ओर, राजद ने रेखा कुमारी उर्फ रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला और त्रिकोणीय होने की संभावना है।
सभी की नजर बांकीपुर पर
आमतौर पर उपचुनाव राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा चर्चा में नहीं रहते, लेकिन बांकीपुर इस बार कई कारणों से सुर्खियों में है। भाजपा के उम्मीदवार का अचानक बदलना, प्रशांत किशोर का पहली बार चुनाव लड़ना और विपक्ष की सक्रियता ने इस सीट को बिहार ही नहीं, पूरे देश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना दिया है। अब देखना होगा कि भाजपा का उम्मीदवार बदलने का फैसला चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है।
