देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपी और श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मामले से जुड़ी 32 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
घर से हुई गिरफ्तारी
चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, प्रमोद नौटियाल को रविवार रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे बद्रीनाथ ले जाकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
क्या हैं आरोप?
प्रमोद नौटियाल, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायक के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि उसने मंदिर के चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन में अनियमितताएं कीं और बिना अनुमति मंदिर के फंड से धनराशि निकाली।समिति द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच दल ने शुरुआती जांच में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया था। इसके बाद समिति ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
32 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग गायब
मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि जांच के लिए बेहद अहम मानी जा रही 32 दिनों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया था कि मंदिर परिसर की लगभग 45 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, लेकिन जांच टीम को केवल सीमित अवधि की फुटेज ही मिल सकी।
सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले के केवल लगभग 14 दिनों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध हुई है। तकनीकी विशेषज्ञ अब डिलीट या गायब हुई रिकॉर्डिंग को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि फुटेज बरामद हो जाती है, तो जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
जांच रिपोर्ट में कई अहम बातें
सूत्रों के मुताबिक, चार सदस्यीय जांच समिति ने करीब 18 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को सौंप दी है। रिपोर्ट में मंदिर के चढ़ावे और दान प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मंदिर परिसर में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज क्षमता सीमित थी, जिसके कारण केवल लगभग 15 दिनों तक की रिकॉर्डिंग ही सुरक्षित रह पाती थी। उपलब्ध फुटेज में 2 जुलाई को आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित रूप से नकदी के साथ संदिग्ध गतिविधि करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है।
सरकार ने भी बनाई जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त कर रहे हैं। समिति अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, कई सवाल बाकी
बद्रीनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गायब होने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस, बीकेटीसी और सरकारी जांच समितियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
