पटना: बिहार की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मंगलवार को पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बांकीपुर के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ एक हाई लेवल बैठक करेंगे। इस बैठक में उपचुनाव की रणनीति, संगठन की तैयारियों और चुनावी अभियान को धार देने पर विस्तृत चर्चा होगी।बांकीपुर सीट को भाजपा का परंपरागत गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी इस सीट पर अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सूत्रों के अनुसार, बैठक में बूथ स्तर की तैयारियों, मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने, प्रचार अभियान और विपक्ष की रणनीति का भी विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा।
देर रात तक चला मंथन
सोमवार शाम पटना पहुंचे नितिन नवीन ने देर रात तक पार्टी नेताओं के साथ लगातार बैठकें कीं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उनके आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बांकीपुर उपचुनाव के साथ-साथ राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, एनडीए के समन्वय और संगठनात्मक तैयारियों पर लंबी चर्चा हुई।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत राजनीतिक आधार रही है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।भाजपा ने इस सीट से नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन दाखिल करने के बाद नीरज कुमार सिन्हा ने नितिन नवीन से मुलाकात कर क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों की जानकारी भी साझा की।
जमीनी फीडबैक के आधार पर बनेगी रणनीति
मंगलवार को होने वाली बैठक में प्रदेश नेतृत्व के अलावा बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख स्थानीय नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं से भी सीधा संवाद किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य जमीनी फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और प्रचार अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है।बैठक के बाद नितिन नवीन के मंगलवार देर शाम दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस अहम बैठक के बाद बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा की चुनावी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
बता दें कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। सभी प्रमुख दल चुनाव प्रचार में जुट गए हैं, जबकि भाजपा इस सीट को हर हाल में अपने कब्जे में बनाए रखने के लिए संगठन और नेतृत्व, दोनों स्तरों पर पूरी ताकत झोंक रही है।
