नई दिल्ली | 22 जुलाई
अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं और वांगचुक के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, संसद में लंबित मुद्दों पर चर्चा और वांगचुक की प्रमुख मांगों को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। इस मुलाकात को सरकार और आंदोलन के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों को संसद में गंभीरता से रखा जाएगा और उन पर चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने संवाद बनाए रखने और टकराव के बजाय बातचीत के जरिए रास्ता निकालने पर जोर दिया।
बताया जा रहा है कि बैठक का माहौल काफी सकारात्मक रहा। सरकार की ओर से यह संकेत भी दिए गए कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सुझावों का स्वागत किया जाएगा और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर भी आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। हालांकि, बैठक के बाद किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
इस बीच, इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता देने की बात कही है। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है, तो लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और वांगचुक की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।
मुख्य बातें
- मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह।
- एक घंटे से अधिक चली अहम बैठक।
- शिक्षा सुधार और अन्य प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा।
- सरकार ने संसद में मुद्दे उठाने और समाधान की दिशा में प्रयास का भरोसा दिया।
- दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
- राहुल गांधी के रुख में बदलाव का दावा, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
