रायपुर। पवित्र श्रावण (सावन) मास के शुभारंभ पर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेशवासियों और सभी सनातन धर्मावलंबियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने भगवान शिव को “भोले भंडारी” बताते हुए कहा कि सावन का महीना श्रद्धा, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सावन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है। इस पूरे माह श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और सरल भक्ति से प्रसन्न होने वाले देव हैं, इसलिए उन्हें भोले भंडारी कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालु गंगा, नर्मदा, महानदी, खारून और शिवनाथ जैसी पवित्र नदियों के जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। साथ ही बेलपत्र, धतूरा, भस्म, आक के फूल और अन्य पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। उनके अनुसार भगवान शिव की पूजा में आडंबर नहीं, बल्कि सच्ची आस्था और समर्पण का विशेष महत्व है।
करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सनातन परंपरा में श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ़ के बाद आने वाला पांचवां महीना है, जिसे अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस माह विशेष रूप से सोमवार के दिन शिव उपासना का महत्व और बढ़ जाता है तथा देशभर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत, पूजा और जलाभिषेक करते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में पहला सावन सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को पड़ेगा। इन दिनों बड़ी संख्या में कांवड़िये पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने सभी श्रद्धालुओं से सावन माह को श्रद्धा, संयम, सेवा और सद्भाव के साथ मनाने की अपील करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो तथा सभी के जीवन में मंगल और कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो।
