रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे तूता गांव में जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब नवा रायपुर-अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने तूता गांव के 35 मकानों पर नोटिस चस्पा कर संबंधित परिवारों से 6 जुलाई तक अपना पक्ष और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस मिलते ही गांव में हलचल तेज हो गई है और प्रभावित परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, NRDA द्वारा जारी नोटिस में संबंधित मकानों के निवासियों से भूमि पर उनके स्वामित्व, कब्जे और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि यह प्रक्रिया रिकॉर्ड के सत्यापन और तथ्यों की जांच के लिए की जा रही है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
नोटिस चस्पा होने के बाद ग्रामीणों में असमंजस का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं और उनके पास जमीन से जुड़े दस्तावेज भी हैं। लोगों का कहना है कि अचानक नोटिस मिलने से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, पर्याप्त समय और उनकी बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लेने की मांग की है।
इस पूरे मामले पर NRDA ने सफाई देते हुए कहा है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की तोड़फोड़, बेदखली या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, नोटिस जारी करने का उद्देश्य केवल संबंधित पक्षों से जानकारी और दस्तावेज प्राप्त करना है। सभी पक्षों का जवाब मिलने के बाद दस्तावेजों की जांच की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद जमीन से जुड़े मामलों को लेकर पूरे क्षेत्र में संवेदनशील माहौल बना हुआ है। ऐसे में तूता गांव में एक साथ 35 मकानों पर नोटिस जारी होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
अब सभी की निगाहें 6 जुलाई पर टिकी हैं। निर्धारित तिथि तक संबंधित परिवार अपना जवाब और दस्तावेज NRDA के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद प्राधिकरण रिकॉर्ड की जांच कर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। फिलहाल NRDA के इस स्पष्ट बयान से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली है कि तत्काल किसी प्रकार की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है, लेकिन गांव में स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
