बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मलेरिया को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की रोकथाम और बचाव की कोशिशों के बीच जिले में मलेरिया से पहली मौत का मामला सामने आया है। कोटा क्षेत्र के औरापानी गांव की रहने वाली 37 वर्षीय रेखा बैगा ने सिम्स बिलासपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, रेखा बैगा की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें गनियारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर पहुंचे थे। जांच में उनके मलेरिया से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया, जहां उनका करीब दो दिनों तक उपचार चला। हालांकि, गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कोटा क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामले
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब तक जिले में 50 से अधिक मलेरिया मरीजों की पहचान हो चुकी है, जबकि वर्तमान में करीब 11 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं।
ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में बीमारी का फैलाव स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। खासकर आदिवासी क्षेत्रों में समय पर जांच, इलाज और लोगों तक बचाव की जानकारी पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी जिम्मेदारी
मलेरिया से हुई पहली मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। विभाग की ओर से लगातार सर्वे, जांच और जागरूकता अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इस घटना ने दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और समय पर इलाज को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन के सामने कोटा सहित अन्य प्रभावित इलाकों में मलेरिया पर नियंत्रण पाने और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है।
