प्रतापगढ़/सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर के दौरे पर रहेंगे। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दोनों जिलों को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की 210 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें नई परियोजनाओं का शिलान्यास और पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। माना जा रहा है कि यह दौरा पूर्वांचल में स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और जनकल्याण योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रतापगढ़ और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वह सुल्तानपुर और इसौली विधानसभा क्षेत्रों में 819 करोड़ रुपये से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन योजनाओं में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सड़क निर्माण, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में स्वास्थ्य, विकास और जनकल्याण के नए संकल्प साकार होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, आयुष्मान भारत कार्ड, सिलाई मशीन, आवास की चाबी, स्वीकृति-पत्र, प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति-पत्र भी वितरित करेंगे। इससे हजारों परिवारों को सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक शहर में रूट डायवर्जन लागू रहेगा, जबकि भारी वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रोक रहेगी। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पूर्वांचल के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूर्वांचल के समग्र विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, मजबूत आधारभूत ढांचे और जनकल्याण योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ शुरू होने वाली ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
