मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरणों की चर्चा ज़ोर पकड़ रही है। अटकलें हैं कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) कांग्रेस में विलय की संभावनाएं कमजोर पड़ने के बाद अब एनडीए के साथ जाने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि, पार्टी ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और अफवाह करार दिया है।
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की ओर से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दो बार रखा गया था। बताया जा रहा है कि इस पर कांग्रेस नेतृत्व ने महाराष्ट्र प्रदेश इकाई की राय मांगी, जहां अधिकांश नेताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। इसके बाद विलय की संभावनाएं फिलहाल ठंडी पड़ गई हैं।
इसी बीच राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पार्टी के कुछ सांसद और विधायक सत्ता पक्ष के साथ जाने या बाहर से समर्थन देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में सुप्रिया सुले के एनडीए में शामिल होने और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने जैसी अटकलें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने स्पष्ट कहा कि न तो कांग्रेस में विलय का कोई प्रस्ताव है और न ही एनडीए में शामिल होने या समर्थन देने की कोई योजना। उन्होंने इन सभी खबरों को महज राजनीतिक अफवाह बताया।
वहीं, कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने कहा कि जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन अटकलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि शरद पवार अपनी विचारधारा के अनुरूप महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी और राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन के साथ बने रहेंगे।
दूसरी ओर, बीजेपी ने इन चर्चाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि यदि शरद पवार की पार्टी देशहित में एनडीए के साथ आने का फैसला करती है, तो उनका स्वागत किया जाएगा।
फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) लगातार एनडीए में शामिल होने की खबरों का खंडन कर रही है, जबकि राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में करवट लेती है।
