रांची। गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर फसल प्रबंधन को अपनाकर कृषि उत्पादन में 75 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है। यह बात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की सहायक महानिदेशक (पौधा संरक्षण एवं जैव सुरक्षा) डॉ पूनम जसरोटिया ने बुधवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में आयोजित 23वीं बीज परिषद की बैठक में कही।
डॉ जसरोटिया ने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश ने 376 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 1969 से अब तक विभिन्न फसलों की 3,276 नई किस्में विकसित की जा चुकी हैं। इनमें 187 बायोफोर्टीफाइड और 587 जलवायु-अनुकूल (क्लाइमेट रेसिलियंट) किस्में शामिल हैं, जो बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने में किसानों की मदद कर रही हैं।
नया बीज कानून किसानों को देगा नई ताकत
डॉ जसरोटिया ने बताया कि संसद में विचाराधीन नए बीज विधेयक के लागू होने के बाद बीज उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण, विपणन और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईसीएआर नई बीज किस्मों के विकास में लगने वाले समय को कम करने और बीज गुणन प्रक्रिया को तेज करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
किसानों की जरूरतों के अनुसार हो बीज उत्पादन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बीएयू के कुलपति डॉ एस.सी. दुबे ने कहा कि बीज उत्पादन कार्यक्रम किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने चाहिए। उन्होंने बीज की गुणवत्ता, स्वास्थ्य और उत्पादकता पर विशेष ध्यान देने तथा राज्य की बीज नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
वहीं समेति, झारखंड के निदेशक विकास कुमार ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक आदर्श गांव विकसित किया जाएगा, जिसे विभिन्न सरकारी विकास योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि कृषि विकास को नई गति मिल सके।
“बीज कृषि की आत्मा है”
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डॉ शम्भूनाथ कर्माकर ने कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज कृषि की आत्मा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में भी बेहतर बीज का कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में विभिन्न फसलों के 5,700 क्विंटल प्रजनक, आधार, प्रमाणित और सत्यापित बीजों का उत्पादन किया। वहीं 2026-27 के लिए 5,265 क्विंटल गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रगतिशील किसानों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार प्रगतिशील किसानों—मेही लाल गोप (बोकारो), राजेश प्रसाद चौधरी (धनबाद), चंदन चौधरी (रांची) और विपिन कुमार—को सम्मानित किया गया। बैठक में आईसीएआर एवं बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी भाग लिया।
