रायपुर। राजधानी रायपुर में मकान निर्माण के नाम पर एक सरकारी महिला डॉक्टर से 51 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद बिल्डर ने केवल मकान का ढांचा तैयार किया और निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गया।पीड़िता डॉ. स्नेहलता दास, जो वर्तमान में भाठागांव स्थित सांई विला कॉलोनी में रहती हैं और पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर कार्यरत हैं, ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सिंह सोलंकी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2023 में हुआ था निर्माण का अनुबंध
डॉ. दास ने वर्ष 2021 में सड्डू स्थित अविनाश कैपिटल्स होम्स-2 में 1489 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। इसके बाद 16 मार्च 2023 को यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर के संचालक मोहित सोलंकी के साथ मकान निर्माण का अनुबंध किया गया। समझौते के अनुसार 22 मई 2024 तक मकान बनाकर सौंपा जाना था।
बैंक लोन और जीवनभर की बचत लगाई
मकान निर्माण की कुल लागत 51,00,916 रुपये तय हुई थी। इसके लिए डॉ. दास ने भारतीय स्टेट बैंक से 45 लाख रुपये का होम लोन लिया। साथ ही अपनी वर्षों की बचत और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 51,31,887 रुपये बिल्डर को बैंक के माध्यम से भुगतान कर दिए।
ढांचा बनाकर बंद कर दिया काम
शिकायत के अनुसार पूरी राशि मिलने के बाद भी बिल्डर ने केवल मकान का ढांचा तैयार किया। प्लास्टर, ईंट का काम, फिनिशिंग और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य अधूरे छोड़ दिए। इसके बाद बिल्डर ने अपना कार्यालय बंद कर दिया और मोबाइल फोन भी बंद कर लिए, जिससे पीड़िता का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
हर महीने EMI का बोझ, अब 35 लाख और खर्च
अधूरे मकान के कारण डॉ. दास हर महीने बैंक की ईएमआई, ब्याज, बिजली बिल, टैक्स और मेंटेनेंस का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठा रही हैं। उनका कहना है कि मकान को पूरा कराने के लिए अब 30 से 35 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे।फिलहाल तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
