रायपुर। रायपुर-दुर्ग के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को फिलहाल टोल टैक्स से राहत मिलने की उम्मीद टूट गई है। भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-दुर्ग बायपास समय पर पूरा नहीं होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कुम्हारी टोल प्लाजा की वसूली अवधि बढ़ाकर 7 अप्रैल 2027 तक कर दी है। इसके लिए करीब 63 करोड़ रुपये का नया ठेका भी जारी किया गया है। अब बायपास का निर्माण पूरा होने तक यात्रियों को पहले की तरह टोल चुकाना होगा।
रायपुर-दुर्ग कॉरिडोर प्रदेश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है। हर दिन हजारों कर्मचारी, छात्र, व्यापारी और मालवाहक वाहन इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। ऐसे में टोल वसूली की अवधि बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से बायपास शुरू होने और टोल हटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन परियोजना में लगातार हो रही देरी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
- भूमि अधिग्रहण और पुल निर्माण में बदलाव से बढ़ी देरी
जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना शुरुआत से ही भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं से जूझ रही है। इसके अलावा शिवनाथ नदी पर बनने वाले नए पुल के डिजाइन में भी बदलाव करना पड़ा। पहले पुल की लंबाई लगभग 500 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी आवश्यकताओं के कारण इसे बढ़ाकर 630 मीटर किया गया। डिजाइन में बदलाव और निर्माण कार्य की धीमी प्रगति के कारण पूरी परियोजना निर्धारित समय से पीछे चल रही है। अब एनएचएआई ने मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का नया लक्ष्य तय किया है।
- रोजाना 50 हजार वाहन, लाखों रुपये की वसूली
कुम्हारी टोल प्लाजा प्रदेश के सबसे व्यस्त टोल प्लाजा में से एक है। यहां से प्रतिदिन औसतन 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिनसे करीब 17 लाख रुपये प्रतिदिन टोल के रूप में वसूले जाते हैं। वर्तमान में कार चालकों से 25 रुपये टोल लिया जाता है, जबकि भारी वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हैं। टोल अवधि बढ़ने के बाद अगले एक वर्ष तक यह व्यवस्था यथावत रहेगी।
- बायपास बनने से मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा
रायपुर-दुर्ग भारतमाला बायपास परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों के कारण कुम्हारी, टाटीबंध और आसपास के इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। बायपास शुरू होने के बाद भारी वाहन सीधे नए मार्ग से गुजरेंगे, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक सुचारु होगा और यात्रा का समय भी कम लगेगा।
- यात्रियों में बढ़ रही नाराजगी
नियमित रूप से रायपुर और दुर्ग के बीच सफर करने वाले लोगों का कहना है कि परियोजना में लगातार हो रही देरी का आर्थिक बोझ उन्हें उठाना पड़ रहा है। रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को हर महीने अतिरिक्त राशि टोल के रूप में चुकानी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होता, तो उन्हें इस अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सकती थी।
- अब क्या होगा आगे?
एनएचएआई के अनुसार, यदि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरा होता है, तो मार्च 2027 तक रायपुर-दुर्ग भारतमाला बायपास चालू किया जा सकता है। इसके बाद कुम्हारी टोल प्लाजा पर मौजूदा टोल वसूली बंद कर दी जाएगी। तब तक रायपुर-दुर्ग मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को अप्रैल 2027 तक टोल टैक्स का भुगतान करना होगा।
