छत्तीसगढ़ में मानसून ने इस बार मौसम विभाग के अनुमान को गलत साबित करते हुए जोरदार दस्तक दी है। अल-नीनो प्रभाव के कारण कम बारिश की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों की लगातार और तेज बारिश ने पूरे प्रदेश को तरबतर कर दिया है।
दुर्ग जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर 181 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 1970 के बाद अब तक की सबसे अधिक बारिश है। इससे 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। वहीं राजधानी रायपुर में भी 154.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में चौथी सबसे भारी बारिश मानी जा रही है।
कई जिलों में भारी बारिश, नदियां-नाले उफान पर
प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर सहित कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है। अंडरब्रिज और प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ है। शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार तक लगातार जारी रही, जिससे कई इलाकों में पानी निकलने का मौका ही नहीं मिला।
बारिश की कमी तेजी से पूरी हुई
30 जून तक राज्य में सामान्य से करीब 67 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई तेज बारिश ने स्थिति को काफी हद तक बदल दिया है। 1 जून से 5 जुलाई तक प्रदेश में कुल 167.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि औसत 247.7 मिमी है। अब यह अंतर घटकर लगभग 33 प्रतिशत रह गया है।
कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई—
- राजिम: 190 मिमी
- छुरा: 160 मिमी
- पाटन: 150 मिमी
- माना (रायपुर एयरपोर्ट) व गोबरा नवापारा: 140 मिमी
- अर्जुंदा: 130 मिमी
- भिलाई: 110 मिमी
- अन्य कई क्षेत्रों में 100 मिमी या उससे अधिक बारिश
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 8 जुलाई तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। रायपुर में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रह सकती है।
जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश और जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन राहत और जल निकासी के प्रयासों में जुटा हुआ है।
