कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को भेजते हुए संगठन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया।
- ममता बनर्जी को भेजा इस्तीफा
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पत्र में लिखा कि वह प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी और उससे जुड़ी संस्थाओं के विभिन्न बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) की जिम्मेदारी से भी मुक्त किए जाने का अनुरोध किया।
- संगठन में बदलाव के बीच लिया फैसला
चंद्रिमा भट्टाचार्य को हाल ही में पश्चिम बंगाल टीएमसी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनकी नियुक्ति विधानसभा चुनाव के बाद संगठन में किए गए बड़े फेरबदल के दौरान हुई थी। अब उनके इस्तीफे ने पार्टी के भीतर चल रही हलचल को और तेज कर दिया है।
- कुणाल घोष का बयान
इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि इस मामले पर वह बाद में विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब चंद्रिमा भट्टाचार्य के पास सरकार का एक महत्वपूर्ण मंत्रालय था।
- निष्कासित नेता ने किया स्वागत
टीएमसी से निष्कासित नेता संदीपन साहा ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष का माहौल बना हुआ है और कई नेता संगठन की कार्यशैली से नाराज हैं।
- बीजेपी ने भी साधा निशाना
भाजपा विधायक शंकर सिकदर ने इस इस्तीफे को लेकर टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे इस्तीफे यह संकेत देते हैं कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
- पार्टी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को लेकर टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
