रायपुर। रायपुर नगर निगम ने शहर में अवैध जल कनेक्शनों को वैध बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक नागरिक अपने अवैध नल कनेक्शनों का नियमितीकरण करा सकेंगे। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें काटा जाएगा और नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार शहर में लगभग 3.50 लाख संपत्तियां हैं, जबकि निगम के रिकॉर्ड में केवल 2.21 लाख वैध जल कनेक्शन दर्ज हैं। यानी करीब 90 हजार कनेक्शन ऐसे हैं, जिनसे वर्षों से पानी की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन वे निगम के रिकॉर्ड में पंजीकृत नहीं हैं। इससे निगम को जलकर राजस्व का नुकसान हो रहा है।
घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए तय शुल्क
योजना के तहत आधा इंच के घरेलू कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5,000 रुपए नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपए नए कनेक्शन शुल्क सहित कुल 20,882 रुपए जमा करने होंगे।
वहीं आधा इंच के व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 15,000 रुपए नियमितीकरण शुल्क तथा 15,882 रुपए कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 30,882 रुपए का भुगतान करना होगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। साथ ही कनेक्शन को संपत्ति की यूनिक आईडी से लिंक करना और निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करना भी अनिवार्य रहेगा।
समय सीमा के बाद होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने इसे अवैध कनेक्शनों को वैध कराने का अंतिम अवसर बताया है। अधिकारियों के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद अवैध कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें काटने के साथ-साथ नियमितीकरण शुल्क की तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
कांग्रेस ने शुल्क पर उठाए सवाल
नगर निगम की इस योजना को लेकर विपक्ष ने सरकार और निगम प्रशासन को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय अवैध नल कनेक्शन को नियमित कराने के लिए मात्र 600 रुपए शुल्क लिया जाता था, जबकि अब आम नागरिकों से 20 हजार रुपए से अधिक वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों से पानी का उपयोग कर रहे सामान्य परिवारों पर एकमुश्त इतनी बड़ी राशि का बोझ डालना उचित नहीं है। कांग्रेस ने शुल्क कम करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की है।
