कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने ‘रियल तृणमूल कांग्रेस’ से जुड़े विवाद को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है। उन्होंने आयोग से कहा है कि मामले का जल्द निपटारा किया जाए ताकि अनावश्यक भ्रम और राजनीतिक विवाद समाप्त हो सके।
यह विवाद 22 जून 2026 को ऋतब्रत बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई शिकायत के बाद शुरू हुआ था। शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन आयोग ने 2 जुलाई 2026 को ममता बनर्जी से जवाब मांगा था। ममता बनर्जी ने अपने पत्र में बताया कि आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने 6 जुलाई 2026 को ही अपना विस्तृत जवाब आयोग और शिकायतकर्ता दोनों को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया था।
ममता बनर्जी ने कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित विस्तारित समय-सीमा 25 जुलाई 2026 को समाप्त होने के बाद भी उन्हें मामले में कोई आगे की सूचना या निर्णय प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि जांच को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और जल्द निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
अपने पत्र में टीएमसी प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में कुछ पक्ष झूठे और भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत कर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की पहचान और संगठन से जुड़े ऐसे मामलों का समयबद्ध समाधान लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक पारदर्शिता के लिए आवश्यक है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्षता बनाए रखते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
अब इस मामले में चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई और निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं। आयोग के फैसले से ‘रियल टीएमसी’ विवाद की दिशा और आगे की राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
