लखनऊ/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक कोचिंग संस्थान और एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। हादसे की संवेदनशीलता और भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना पूर्व निर्धारित अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और वे तुरंत आपातकालीन स्थिति की समीक्षा के लिए राजधानी लखनऊ लौट आए हैं।
इस दर्दनाक हादसे में कई मासूम और होनहार युवाओं की जान जाने की खबर है, जिस पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीमें
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय जिला प्रशासन, दमकल विभाग और राहत टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।
डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) को मौके पर पहुंचने का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
दोषियों पर होगी सख्त से सख्त कार्रवाई
इस अग्निकांड ने एक बार फिर कमर्शियल इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जांच में जिस किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, चाहे वह संस्थान के संचालक हों या संबंधित विभाग के अधिकारी, उनके खिलाफ ऐसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बनेगी।
फिलहाल, पूरा प्रशासनिक अमला अलीगढ़ में स्थिति को नियंत्रित करने और पीड़ितों की हर संभव मदद करने में जुटा हुआ है।
