लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने के बाद हुई हिंसक घटनाओं का मुद्दा उठाया है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई अपनी पोस्ट ‘सपा का आतंकराज: पार्ट-2’ में राजभर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम आने के 36 घंटे के भीतर कई जिलों में उपद्रव और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं।
अम्बेडकरनगर की घटना का किया जिक्र
ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अम्बेडकरनगर जिले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान बसपा के एक पूर्व मंत्री की राइस मिल को आग के हवाले कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री अपने गांव में लगी आग बुझाने में लगे थे, जबकि उनकी राइस मिल जल रही थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में असहाय नजर आई।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में वह अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव के कारण मुख्यमंत्री बने और उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में हिंसा का माहौल बन गया था।
लगातार जारी है सियासी हमला
गौरतलब है कि इससे पहले भी ओमप्रकाश राजभर ने ‘सपा का आतंकराज: पार्ट-1’ शीर्षक से पोस्ट साझा कर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। पिछले कुछ दिनों से वह लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सपा नेतृत्व पर हमलावर हैं।
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव अगले वर्ष फरवरी-मार्च के दौरान होने की संभावना है। चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विशेष रूप से दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के वोटों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सक्रियता बढ़ गई है।
