पटना |बिहार में छात्रों के आंदोलन ने शनिवार को उस समय नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब छात्र-युवा प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे Tej Pratap Yadav को पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर माहौल गर्म हो गया और सरकार तथा विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया। राज्यभर में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते कई जगह सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “मैं युवाओं के लिए मर मिटने को तैयार हूं। छात्रों का भविष्य बचाने की इस लड़ाई से मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। अगर युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े, तो मैं हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। तेज प्रताप ने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवाद और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पटना पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया। इसके बाद राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
प्रदर्शन में शामिल छात्र और विभिन्न छात्र संगठन केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर बिहार से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
तेज प्रताप यादव की हिरासत के बाद विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में छात्रों का आंदोलन अब केवल शिक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक विषय बन चुका है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
