रायपुर/कोरिया। कोरिया जिले के ग्राम नौगई में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर क्षत्रिय करणी सेना ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में 200 से अधिक करणी सैनिक रायपुर से कोरिया के लिए रवाना हुए।
संगठन के अनुसार, यह यात्रा केवल एक परिवार को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून के शासन, निष्पक्ष जांच और न्याय व्यवस्था में आमजन के विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। करणी सेना का प्रतिनिधिमंडल दोपहर तक कोरिया पहुंचकर सबसे पहले ग्राम नौगई में पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर कोरिया के माध्यम से महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में मामले की CBI अथवा किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध सुनवाई, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक जांच, पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा, तथा डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा संगठन ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, घायलों को 50 लाख रुपये का मुआवजा, पीड़ित परिवार के योग्य सदस्यों को सरकारी नौकरी, जांच की वरिष्ठ स्तर पर निगरानी तथा समय-समय पर जांच की प्रगति सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है। ज्ञापन में कुछ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की भूमिका की जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग भी प्रस्तावित की गई है।
रायपुर से रवाना होने से पहले करणी सेना के नेतृत्व ने कहा कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना और निष्पक्ष न्याय की मांग को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। संगठन का कहना है कि यदि मामले में पारदर्शी जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
