देश में पेपर लीक विवाद को लेकर सियासत और विरोध-प्रदर्शन चरम पर है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच दिल्ली में दूसरे दौर की अहम बातचीत जारी है। हालांकि, ऐन वक्त पर इस बैठक की जगह बदल दी गई।
पहले यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होनी तय थी। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही थी।
न्यूट्रल वेन्यू की मांग और बदलती जगहें
बैठक के स्थान में हुआ यह बदलाव CJP की उस शर्त के बाद देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे बातचीत के लिए किसी मंत्री के घर जाने के बजाय किसी ‘न्यूट्रल वेन्यू’ (तटस्थ स्थान) पर ही मिलेंगे।
इससे एक दिन पहले सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने CJP को चार बार बातचीत का न्योता भेजा, लेकिन वे शामिल नहीं हुए।
CJP का हमला: सरकार दबाव में, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
- CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
सरकार इस समय हमारे भारी दबाव में है। इसी दबाव का नतीजा है कि प्रधानमंत्री को रात 12:30 बजे वीडियो संदेश जारी करना पड़ा। लेकिन हमारी मांग स्पष्ट है—जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश को आश्वासन दिया था कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून लाने जा रही है।
- सुप्रीम कोर्ट सख्त:
पेपर लीक जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब
एक तरफ राजनीतिक घमासान जारी है, तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक हुई पेपर लीक जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद अब केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर जवाबदेही का दबाव और बढ़ गया है।
