रायपुर। खरोरा थाना पुलिस ने अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महामाया अस्पताल के पास सट्टा खिला रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 64 सट्टा पट्टी, 34 हजार 670 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को खरोरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि महामाया अस्पताल के पास कुछ लोग सट्टा कारोबार में शामिल हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश दी।
पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके पर चार लोगों को सट्टा खिलाने के आरोप में पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतविन्दर सिंग बग्गा उर्फ रिंकू, निवासी वार्ड क्रमांक 5 खरोरा, जगमोहन नशीने (67 वर्ष), बसंत देवांगन (40 वर्ष) और धर्मेन्द्र देवांगन (40 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी खरोरा के वार्ड क्रमांक 5 के रहने वाले हैं।
64 सट्टा पट्टी और नकदी बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 64 सट्टा पट्टी बरामद की। इसके अलावा 34,670 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस ने जब्त सामग्री को मामले की जांच में शामिल कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल फोन और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित सट्टा कारोबार में आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े थे और इसका नेटवर्क किन इलाकों तक फैला हुआ था।
जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज
मामले में थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 472/25 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चंचल तिवारी के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विधानसभा वीरेन्द्र चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिले में अवैध सट्टा और जुआ कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस मुखबिर तंत्र के जरिए ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
