कवर्धा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत (कटगोड़ी) में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार (उर्फ लल्ला सिंह) और उनके साथियों की निर्मम हत्या के बाद राज्य का सियासी और सामाजिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस वीभत्स हत्याकांड को लेकर अब राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने सूबे की साय सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने फेसबुक लाइव (Facebook Live) आकर सरकार और प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। उन्होंने दोटूक लहजे में अल्टीमेटम दिया है— “न्याय दिलाबो, नई तो छत्तीसगढ़ बंद कराबो।”
क्षत्रिय और सवर्ण समाज के स्वाभिमान पर आघात
सोशल मीडिया पर लाइव आकर समाज और प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर ने इस जघन्य हत्याकांड पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरिया जिले में जो कुछ भी हुआ, वह न केवल अमानवीय है बल्कि पूरे क्षत्रिय और सवर्ण समाज के स्वाभिमान पर एक सीधा और गहरा आघात है। तोमर ने साफ किया कि समाज अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए करणी सेना किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
उन्होंने बताया कि करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। घटनास्थल की हर पल की गतिविधि और प्रशासनिक जांच पर संगठन सीधे नजर रख रहा है।
“अपराधियों का तत्काल हो एनकाउंटर, घरों पर चले बुलडोजर”
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ की वर्तमान कानून-व्यवस्था और भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे और गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी और खौफनाक वारदात (जहां गाड़ी के आगे-पीछे डंपर अड़ाकर, पेट्रोल छिड़ककर लोगों को जिंदा जला दिया गया) के बाद भी प्रदेश की सरकार अब तक खामोश बैठी हुई है।
तोमर ने उत्तर प्रदेश (UP Model) की तर्ज पर त्वरित और कड़े एक्शन की मांग करते हुए कहा:
“इस नृशंस वारदात को अंजाम देने वाले क्रूर अपराधियों का पुलिस को तत्काल ‘एनकाउंटर’ कर देना चाहिए। इसके साथ ही, खौफ पैदा करने के लिए इन हत्यारों के अवैध घरों और ठिकानों को बुलडोजर से जमींदोज किया जाए।”
मंत्रियों की चुप्पी पर उठाया सवाल, CBI जांच की मांग
प्रशासनिक अमले को आड़े हाथों लेते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में बैठे बड़े मंत्रियों, रसूखदार नेताओं और आला अफसरों में से किसी ने भी इतनी बड़ी घटना के बाद अब तक एक शब्द भी नहीं बोला है। उन्होंने अंदेशा जताया कि इस पूरे हत्याकांड के पीछे कहीं न कहीं सरकारी तंत्र और रसूखदारों की मिलीभगत या सह हो सकती है। मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल रसूखदारों के नाम सामने लाने के लिए करणी सेना ने इस पूरे कांड की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
डॉ. राज शेखावत की अगुवाई में उग्र आंदोलन और चक्का जाम का ऐलान
सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए तोमर ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने जल्द ही अपराधियों पर ऐसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जो मिसाल बने, तो करणी सेना शांत नहीं बैठेगी। उन्होंने ऐलान किया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. राज शेखावत* की अगुवाई में छत्तीसगढ़ प्रदेश करणी सेना कोरिया (सोनहत) कूच करेगी और एक बड़ा व उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे छत्तीसगढ़ में ‘चक्का जाम’ कर सड़कों को ठप कर दिया जाएगा। तोमर ने कहा कि इस आंदोलन के कारण राज्य में पैदा होने वाली किसी भी अप्रिय कानून-व्यवस्था की स्थिति और उसके गंभीर परिणामों की सीधी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
मंत्रियों की ‘रहस्यमयी खामोशी’ पर उठाए गंभीर सवाल
फेसबुक लाइव के जरिए प्रदेश की जनता और समाज को संबोधित करते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर ने साय सरकार के मंत्रियों और शीर्ष नेताओं पर बड़ा प्रहार किया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि जब राज्य में सत्ताधारी दल के ही एक कद्दावर नेता और उनके भाइयों को इस तरह सरेआम मौत के घाट उतार दिया जाता है, तो सरकार में बैठे बड़े मंत्रियों, रसूखदार नेताओं और आला अफसरों के मुंह पर ताला क्यों लगा हुआ है? तोमर ने तंज कसा कि इतनी बड़ी नृशंस वारदात के बाद भी शासन-प्रशासन में बैठे रसूखदारों का यह मौन बेहद संदेहास्पद और परेशान करने वाला है।
“बिना सरकारी संरक्षण के इतना बड़ा दुस्साहस मुमकिन नहीं”
वीरेंद्र सिंह तोमर ने इस हत्याकांड के पीछे किसी आम रंजिश से परे एक गहरी साजिश की आशंका जताई है।
उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया:
“कोरिया के सोनहत में जिस खौफनाक तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया, वह बिना किसी बड़े सरकारी संरक्षण या रसूखदार तंत्र की मिलीभगत के मुमकिन ही नहीं है। अपराधियों को किसी न किसी बड़े सिस्टम का बैकअप हासिल है, यही वजह है कि वे इतने बेखौफ थे।”
अवैध रेत उत्खनन के वर्चस्व और ‘गैंगवार’ जैसी थ्योरी के बीच करणी सेना ने स्थानीय जांच पर अविश्वास जताते हुए सीधे CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की मांग ठोक दी है, ताकि शासन में बैठे सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो सकें।
राजनीतिक गलियारों की हलचल:* “इस मामले में सबसे असहज करने वाली बात यह है कि हत्या के आरोपी भी सत्ताधारी दल और रसूखदार नेताओं के करीबी बताए जा रहे हैं। ऐसे में अपनी ही सरकार के खिलाफ करणी सेना का यह आक्रामक स्टैंड भाजपा के भीतर आंतरिक तनाव और कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के हमलों को और धार दे रहा है।”
सोशल मीडिया पर #JusticeForKoriya हुआ वायरल
करणी सेना के इस तीखे अल्टीमेटम और फेसबुक लाइव के बाद से ही इंटरनेट पर #JusticeForKoriya तेजी से ट्रेंड कर रहा है। अवैध रेत उत्खनन और आपसी वर्चस्व की लड़ाई से शुरू हुए इस मामले ने अब एक बेहद संवेदनशील सामाजिक और राजनीतिक रूप ले लिया है। करणी सेना की इस खुली चेतावनी के बाद पुलिस और स्थानीय खुफिया विभाग (IB) अलर्ट मोड पर आ गए हैं, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो में बोलते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर
https://www.facebook.com/vstomarofficial/videos/2251411672361940
