महाराष्ट्र | रविवार को लोहागढ़ किला आम दिनों की तरह शांत नहीं था। किले के चारों ओर पुलिस की भारी मौजूदगी, अधिकारियों की टीम और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों की भीड़ जुटी थी। वजह थी बहुचर्चित केतन हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर लाया जाना।
जैसे ही पुलिस सिया को किले पर लेकर पहुंची, पत्रकारों और मौजूद लोगों की ओर से एक ही सवाल बार-बार पूछा गया—“सिया, आपने आखिर केतन को क्यों मारा?” लेकिन तमाम सवालों के बावजूद सिया ने पूरी कार्रवाई के दौरान एक शब्द भी नहीं कहा। वह पूरी तरह खामोश रही और किसी भी सवाल का जवाब देने से बचती रही।
- क्राइम सीन रीक्रिएशन में क्या हुआ?
पुलिस ने सिया से घटनास्थल पर पूरी घटना को दोहराने के लिए कहा। जांच के दौरान उन स्थानों की पहचान कराई गई जहां कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया गया था। अधिकारियों ने घटना के हर चरण को समझने की कोशिश की ताकि सबूतों और आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा सके।
- बैठने का इशारा बना जांच का अहम सुराग
जांच अधिकारियों के अनुसार, वारदात के दौरान इस्तेमाल किया गया “बैठने का संकेत” महज एक सामान्य इशारा नहीं था, बल्कि पहले से तय किया गया संकेत था। पुलिस का मानना है कि इसी इशारे के जरिए वारदात को अंजाम देने का सही समय तय किया गया। यही वजह है कि इस संकेत को जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
- पहले भी की थी रेकी
जांच एजेंसियों का दावा है कि घटना वाले दिन आरोपी पहली बार लोहागढ़ किले पर नहीं पहुंचे थे। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपियों ने पहले भी कई बार किले का दौरा कर इलाके की रेकी की थी। पुलिस का मानना है कि वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी और उसी के तहत स्थान का चयन किया गया।
- पुलिस की जांच जारी
क्राइम सीन रीक्रिएशन के बाद सिया को दोबारा पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया। पुलिस अब आरोपियों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक मंशा और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
